कांग्रेस पार्टी ने अभिजीत वंजारी को नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार फिर से नामित किया है, जिससे विधान परिषद सीट के लिए चुनावी मुकाबले का मंच तैयार हो गया है। nagpurtoday.in के अनुसार, इस सीट के लिए चुनाव, अन्य सीटों के साथ, 23 अक्टूबर को निर्धारित है, और वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी।
वंजारी के फिर से नामांकन की घोषणा पार्टी ने शनिवार, 3 अक्टूबर को महाराष्ट्र में तीन शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की अपनी व्यापक सूची के हिस्से के रूप में की। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाला उनका वर्तमान कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त होने वाला है, जिससे आगामी चुनाव इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।
चुनाव कार्यक्रम और महत्वपूर्ण तिथियां
इन विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। नामांकन अवधि 29 सितंबर को शुरू हुई। उम्मीदवारों के पास 6 अक्टूबर तक अपने नामांकन दाखिल करने का समय है। इसके बाद, उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की पांच विधान परिषद सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होगा। nagpurtoday.in ने बताया कि 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे।
महाराष्ट्र भर में कांग्रेस के उम्मीदवार
नागपुर के अलावा, कांग्रेस पार्टी ने अन्य महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों के लिए भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। पुणे संभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) जयंत दिनकर असागांवकर को भी पार्टी ने फिर से नामित किया है। अमरावती संभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अदिति ऋषिकेश पोहरे को कांग्रेस उम्मीदवार बनाया गया है।
कुल पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं जिनके मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। इनमें नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का महत्व
नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को एक बारीकी से देखी जाने वाली चुनावी सीट माना जाता है, जिसने ऐतिहासिक रूप से काफी ध्यान आकर्षित किया है। nagpurtoday.in के अनुसार, नागपुर संभाग के स्नातक मतदाता आगामी चुनाव में एक बार फिर केंद्र बिंदु होंगे।
अभिजीत वंजारी ने 2020 के चुनाव में इस निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी। उनकी जीत विशेष रूप से उल्लेखनीय थी क्योंकि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार संदीप जोशी को हराया था। वंजारी की इस जीत ने नागपुर स्नातक सीट पर भाजपा की लंबे समय से चली आ रही पकड़ को समाप्त कर दिया था, जिससे उनका फिर से नामांकन कांग्रेस पार्टी द्वारा एक रणनीतिक कदम बन गया है।
राजनीतिक परिदृश्य और भाजपा की प्रतिक्रिया
कांग्रेस द्वारा वंजारी की उम्मीदवारी की आधिकारिक पुष्टि के साथ, अब ध्यान नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा के चयन पर केंद्रित हो गया है। nagpurtoday.in ने बताया कि शनिवार, 3 अक्टूबर तक, भाजपा ने इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की थी।
कांग्रेस की यह घोषणा द्विवार्षिक परिषद चुनावों के लिए अपनी रणनीति को समन्वित करने के लिए महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सहयोगियों के चल रहे प्रयासों के बीच आई है। एमवीए में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) शामिल हैं। इस समन्वय का उद्देश्य आगामी चुनावों में एक संयुक्त मोर्चा पेश करना है।
इन चुनावों में शामिल पांच निर्वाचन क्षेत्रों की विशेषता अलग-अलग मतदाता हैं, जिनमें या तो स्नातक या शिक्षक शामिल हैं। यह जनसांख्यिकीय विशिष्टता सभी भाग लेने वाली पार्टियों के लिए समग्र चुनाव प्रक्रिया में उम्मीदवार चयन और मजबूत संगठनात्मक लामबंदी को महत्वपूर्ण तत्व बनाती है।
आगे की राह
कांग्रेस द्वारा अभिजीत वंजारी की उम्मीदवारी की औपचारिक घोषणा के साथ, नागपुर में मुकाबला और गति पकड़ने की उम्मीद है। नागपुर निर्वाचन क्षेत्र के लिए तत्काल ध्यान भाजपा के अंतिम उम्मीदवार के चयन और नामांकन दाखिल करने और वापस लेने की समय सीमा के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची पर होगा।
चुनावी प्रक्रिया 23 अक्टूबर को मतदान और उसके बाद 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती के साथ समाप्त होगी, जो इन महत्वपूर्ण विधान परिषद सीटों के प्रतिनिधियों का निर्धारण करेगी।






