नागपुर में सोमवार, 28 सितंबर, 2026 को महाराष्ट्र राज्य सहायता प्राप्त आदिवासी आश्रम शाला संघ का राज्य-स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें आश्रम शालाओं, उनके प्रबंधन और आदिवासी छात्रों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर चर्चा करने के लिए विभिन्न हितधारक एक साथ आए। nagpurtoday.in के अनुसार, इस कार्यक्रम में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और महाराष्ट्र भर से लगभग 500 संस्था प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सम्मेलन के दौरान, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने आदिवासी छात्रों को व्यापक सहायता प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन तक पहुंच, मजबूत स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा डिजिटल लर्निंग के अवसरों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। nagpurtoday.in के अनुसार, मंत्री बावनकुले ने कहा कि आश्रम शालाओं को द्वितीयक संस्थानों के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, जो उनकी स्थिति और संसाधनों को ऊपर उठाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महाराष्ट्र सरकार इन संस्थानों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक समन्वय समिति स्थापित करने पर विचार कर रही है। मंत्री बावनकुले ने संकेत दिया कि इस समिति में आश्रम शाला प्रबंधन के प्रतिनिधि, साथ ही आदिवासी विकास विभाग के आयुक्त और सचिव शामिल होंगे। nagpurtoday.in ने बताया कि उन्होंने आश्रम शालाओं और उनके छात्रों से संबंधित चल रहे मुद्दों की समीक्षा और समाधान के लिए नियमित मासिक बैठकें आयोजित करने की संभावना पर भी विश्वास व्यक्त किया।

प्रमुख मांगें और संघ चुनाव

सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने आश्रम शालाओं और उनके छात्रों के लिए परिचालन वातावरण और सहायता प्रणालियों में सुधार लाने के उद्देश्य से कई विशिष्ट मांगें उठाईं। इन मांगों में शामिल थीं:

  • संस्था प्रमुखों के खिलाफ बिना किसी पूर्व जांच के आपराधिक कार्रवाई रोकना।
  • स्कूलों को संस्थागत स्तर पर शिक्षकों की भर्ती करने की अनुमति देना, खासकर जब पवित्र पोर्टल के माध्यम से उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध न हों।
  • पूर्ण वेतनमान के साथ चतुर्थ श्रेणी के पदों को भरना, जो इन पदों के लिए वर्तमान कर्मचारियों या पारिश्रमिक के साथ संभावित समस्या का संकेत देता है।
  • मौजूदा 80 किलोमीटर की प्रवेश शर्त को हटाना, जो इन स्कूलों तक छात्रों की पहुंच को प्रतिबंधित कर सकती है।
  • छात्रों के लिए शैक्षिक सामग्री और आकस्मिक निधि के लिए आवंटित अनुदान में वृद्धि करना, जो दर्शाता है कि वर्तमान प्रावधान अपर्याप्त माने जाते हैं।

सम्मेलन ने संघ के भीतर नेतृत्व परिवर्तन के लिए एक मंच के रूप में भी काम किया। किशोर वानखेड़े को महाराष्ट्र राज्य सहायता प्राप्त आदिवासी आश्रम शाला संघ का सर्वसम्मति से राज्य अध्यक्ष चुना गया। nagpurtoday.in के अनुसार, पूर्व विधायक टेकचंद सावरकर को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया।

आश्रम शालाओं का संदर्भ

महाराष्ट्र में आश्रम शालाएं आदिवासी छात्रों की शिक्षा और कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राज्य का आदिवासी विकास विभाग सरकारी और सहायता प्राप्त दोनों आश्रम शालाओं की देखरेख करता है। nagpurtoday.in ने बताया कि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट सहायता प्राप्त आश्रम शालाओं में नामांकित छात्रों के लिए शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सेवा और अन्य आवश्यक सुविधाओं को कवर करने के लिए डिज़ाइन की गई विभिन्न योजनाओं को रेखांकित करती है।

सम्मेलन में हुई चर्चाएं राज्य के भीतर आदिवासी समुदायों के जीवन की गुणवत्ता और शैक्षिक परिणामों को बढ़ाने के चल रहे प्रयासों को रेखांकित करती हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले द्वारा एआई और डिजिटल लर्निंग जैसे आधुनिक शिक्षण उपकरणों पर जोर देना, आदिवासी छात्रों को समकालीन शैक्षिक ढांचे में एकीकृत करने के लिए एक दूरंदेशी दृष्टिकोण को उजागर करता है।

सम्मेलन के बाद के घटनाक्रम

सम्मेलन के समापन के बाद, महाराष्ट्र राज्य सहायता प्राप्त आदिवासी आश्रम शाला संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपने एजेंडे को सीधे राज्य के सर्वोच्च कार्यालय तक पहुंचाया। उन्होंने अपनी लंबित मांगों को रेखांकित करते हुए एक ज्ञापन प्रस्तुत करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। nagpurtoday.in द्वारा रिपोर्ट किए गए अनुसार, यह बैठक संघ द्वारा एक तत्काल अनुवर्ती कार्रवाई को दर्शाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी चिंताओं को राज्य नेतृत्व के ध्यान में लाया जाए।

मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना नागपुर सम्मेलन के दौरान चर्चा किए गए मुद्दों और उठाई गई मांगों पर सरकारी कार्रवाई की मांग करने के संघ के इरादे को दर्शाता है। राजस्व मंत्री और मुख्यमंत्री दोनों के साथ जुड़ाव महाराष्ट्र में आश्रम शालाओं और आदिवासी छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने पर दिए गए महत्व को दर्शाता है।