नागपुर की पारडी पुलिस ने शराब तस्करी के एक कथित प्रयास को विफल किया है, जिसमें शराब की एक खेप और एक वाहन जब्त किया गया है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 7,55,460 रुपये है। यह जानकारी nagpurtoday.in के अनुसार है। यह कार्रवाई आगामी गांधी जयंती के 'ड्राई डे' से पहले की गई।
इस अभियान के दौरान, पुलिस ने इस ज़ब्ती के संबंध में अखिलेश जायसवाल को गिरफ्तार किया। यह घटना भंडारा राजमार्ग पर एक मारुति बलेनो कार को रोकने से संबंधित है, जिसमें कथित तौर पर भारी मात्रा में शराब ले जाई जा रही थी।
ज़ब्ती और गिरफ्तारी का विवरण
nagpurtoday.in के अनुसार, पारडी पुलिस को शराब के अवैध परिवहन के संबंध में विशिष्ट जानकारी मिली थी। इस खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, अधिकारियों ने भंडारा राजमार्ग पर एक जांच चौकी स्थापित की, जिसे विशेष रूप से सुरुचि कंपनी के बाहर लगाया गया था।
वाहन जांच अभियान के दौरान, अधिकारियों ने एक मारुति बलेनो को रोका जो कथित तौर पर नागपुर से भुगांव की ओर जा रही थी। वाहन की बाद में तलाशी लेने पर कथित तौर पर शराब की कई बोतलें मिलीं। रिपोर्ट के अनुसार, इन बोतलों में विभिन्न ब्रांडों की शराब होने की पहचान की गई।
इस खोज के बाद, पुलिस ने शराब की खेप और मारुति बलेनो कार दोनों को जब्त कर लिया। जब्त की गई संपत्ति का कुल मूल्य, जिसमें शराब और वाहन शामिल हैं, 7,55,460 रुपये आंका गया है। इस कथित तस्करी के प्रयास के संबंध में अखिलेश जायसवाल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
अभियान का संदर्भ
पुलिस की यह कार्रवाई गांधी जयंती के 'ड्राई डे' की प्रत्याशा में की गई, एक ऐसी अवधि जिसके दौरान मादक पेय पदार्थों की बिक्री और खपत आमतौर पर प्रतिबंधित होती है। ऐसे 'ड्राई डे' अक्सर शराब के अवैध परिवहन और बिक्री के प्रयासों में वृद्धि का कारण बनते हैं।
nagpurtoday.in के अनुसार, यह अभियान वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नंदा मंगटे के सीधे मार्गदर्शन में और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर चलाया गया। यह क्षेत्र में अवैध शराब गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पारडी पुलिस के एक समन्वित प्रयास को इंगित करता है।
चल रही जांच
जांचकर्ता कथित तस्करी अभियान के संबंध में आगे के विवरण का पता लगाने के लिए वर्तमान में काम कर रहे हैं। चल रही जांच का एक प्राथमिक ध्यान उस स्रोत का पता लगाना है जहां से शराब की खेप आई थी। पुलिस उस इच्छित गंतव्य का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है जहां कथित तौर पर शराब पहुंचाने की योजना थी।
इसके अलावा, जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या इस कथित तस्करी अभियान में अन्य व्यक्ति या समूह शामिल थे। जांच का यह पहलू शराब के अवैध परिवहन से संबंधित किसी भी बड़े नेटवर्क या साजिश की पहचान करना चाहता है।






