thehindu.com के अनुसार, दिल्ली सरकार ने सोमवार देर रात सहायक आयुक्त (एसीपी) विवेक भगत का अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) का वर्तमान ड्यूटी प्रभार (सीडीसी) रोक दिया है, जिन पर एक महिला पत्रकार के यौन उत्पीड़न का आरोप है। यह फैसला तब आया जब सोमवार को पहले श्री भगत को यह पद सौंपा गया था, जिसकी तीखी आलोचना हुई थी।
thehindu.com के अनुसार, एसीपी भगत ने "अपनी इच्छा से" वर्तमान ड्यूटी प्रभार का कार्यभार ग्रहण न करने का अनुरोध किया है, जब तक कि महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न की पूरी जांच नहीं हो जाती और संतोषजनक ढंग से समाप्त नहीं हो जाती। परिणामस्वरूप, सीडीसी सौंपने वाले पहले के आदेश को संशोधित किया जाएगा और शेष 11 अधिकारियों के लिए फिर से जारी किया जाएगा।
कार्यभार और आरोपों का विवरण
thehindu.com के अनुसार, सोमवार को पहले दिल्ली सरकार के एक आदेश ने श्री भगत सहित 12 डैनिप्स (DANIPS) अधिकारियों को अतिरिक्त डीसीपी का सीडीसी सौंपा था। thehindu.com के अनुसार, 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान श्री भगत पर एक महिला पत्रकार के यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद इस कार्यभार पर विभिन्न हलकों से तीखी प्रतिक्रिया हुई थी।
thehindu.com द्वारा सोमवार देर रात X पर उद्धृत एक पोस्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया कि इन अतिरिक्त ड्यूटी प्रभारों को प्रदान करने का प्रस्ताव 25 अगस्त को "वर्तमान घटनाओं के समूह से बहुत पहले" शुरू किया गया था। आदेश बाद में 5 अक्टूबर को उचित अनुमोदन के बाद जारी किए गए थे।
सरकार ने यह भी कहा कि सीडीसी का कार्यभार एक अस्थायी व्यवस्था है जिससे कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता। thehindu.com के अनुसार, सीडीसी सौंपे गए अधिकारी नियमित पदधारियों के वैधानिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर सकते।
thehindu.com के अनुसार, एसीपी भगत से जुड़ी कथित घटना नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 3 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई थी। विरोध प्रदर्शन ने विशेष रूप से चुनाव आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को निशाना बनाया था।
व्यापक शिकायतें और पुलिस कार्रवाई
ndtv.com और thehindu.com के अनुसार, एसीपी भगत के खिलाफ आरोप के अलावा, तीन महिला पत्रकारों ने 3 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। दोनों आउटलेट्स के अनुसार, दिल्ली पुलिस को ये शिकायतें मिली हैं और उन्हें आगे की जांच के लिए अपराध शाखा को भेज दिया है।
संदर्भ और जन प्रतिक्रिया
आरोपों के बावजूद, सोमवार को पहले एसीपी भगत को अतिरिक्त डीसीपी पद का प्रारंभिक कार्यभार सौंपने से काफी जन और मीडिया का ध्यान आकर्षित हुआ। thehindu.com की एक फोटो कैप्शन के अनुसार, 5 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर मीडियाकर्मी और प्रदर्शनकारी बैठे हुए देखे गए।
दिल्ली सरकार का श्री भगत के लिए प्रभार रोकने का फैसला और उनका बाद में कार्यभार ग्रहण न करने का अनुरोध आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया और उसके बाद की जन प्रतिक्रिया को दर्शाता है।
अगले कदम
3 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न की अपराध शाखा द्वारा एक जांच अब चल रही है। एसीपी विवेक भगत के वर्तमान ड्यूटी प्रभार कार्यभार की स्थिति तब तक लंबित रहेगी जब तक यह जांच नहीं हो जाती और संतोषजनक ढंग से समाप्त नहीं हो जाती। thehindu.com के अनुसार, दिल्ली सरकार का अन्य 11 डैनिप्स (DANIPS) अधिकारियों को सीडीसी सौंपने का आदेश फिर से जारी होने की उम्मीद है।






